Tuesday, 18 August 2026

वक्त 24.04.26

वक्त
बड़ा बेरहम होता है वक्त,
चाहो थोड़ा ठहर जाए,
तो ठहरता ही नहीं,
बड़ी जल्दी गुज़र जाता है...
और जब चाहो
जल्दी गुज़र जाए ये वक्त,
तो ठहर-सा जाता है बेरहम,
जाने क्यों गुज़रता ही नहीं...?
— नरेंद्र कुमार कुलमित्र

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