हम बोलेंगे,
हर बार की तरह,
हर बार हम बोलेंगे...
हमारे खिलाफ साजिश होगी,
पर खिलाफत में
हम बोलेंगे...
जलने से पहले
आग की तरह बोलेंगे।
नफरतियों से
प्रेम में बोलेंगे।
सच के लिए,
हर झूठ के खिलाफ बोलेंगे।
जुबान काट दोगे,
तो आँखों से बोलेंगे,
मौन में बोलेंगे।
आँखें फोड़ दोगे,
तो स्पर्श से बोलेंगे।
अगर मार दोगे,
तो सपनों में बोलेंगे,
तुम्हारी स्मृतियों में बोलेंगे।
हर बार की तरह,
हम हर बार बोलेंगे...!!!
-- नरेंद्र कुमार कुलमित्र
9755852479
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