Narendra Kumar Kulmitra
Thursday, 20 August 2026
सुख और दुख — 01.12.23
सुख और दुख — 01.12.23
दुख आता है,
नींद से जगाता है
और फिर सोने नहीं देता,
पालथी मारकर
साथ बैठ जाता है
सुख आता है,
अजनबी की तरह मुस्कुराता है
और झट से चला जाता है।
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