Wednesday, 19 August 2026

नफरत और प्रेम 07.09.23

नफ़रत
रात के सघन अंधेरे की तरह होती है,
जिसके होने से कुछ भी देखा नहीं जा सकता!

​प्रेम
दिन के उजाले की तरह होता है,
जिसके होने से सब कुछ आर-पार देखा जा सकता है!!

​– नरेंद्र कुमार कुलमित्र

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